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‘चिटियाँ तो मंदिरों से’ महेंद्रकपूर द्वारा गाया गया एक प्रसिद्ध हिन्दी गीत है, जो 1964 की फिल्म 'काजल' में शामिल है। इस गाने के संगीतकार शंकर-जयकिशन थे और बोल निकटे जी ने लिखे थे। महेंद्रकपूर की मधुर आवाज ने इस गीत को दर्शकों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय बनाया। गीत की लिरिक्स प्रेम और भक्ति की भावनाओं को प्रदर्शित करती हैं, जिसने इसे समय के साथ एक क्लासिक रूप में स्थापित किया है। 'काजल' फिल्म में इस गाने ने संगीत के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और आज भी प्रिय माना जाता है।